8 नवंबर 2014 - 16:39
ईरान परमाणु वार्ता का निर्णायक दौर।

ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार और उप विदेशमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य होने वाली परमाणु वार्ता की विफलता, सबके लिए ख़तरनाक हो सकती है।

अबनाः ईरान के वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार और उप विदेशमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य होने वाली परमाणु वार्ता की विफलता, सबके लिए ख़तरनाक हो सकती है।
अल आलम टीवी चैनल से बात करते हुए अब्बास इराक़ची ने कहा कि यह बात स्पष्ट है कि परमाणु समझौता दोनों पक्षों और क्षेत्र के हित में है और यह बात दोनों पक्ष समझते हैं और कोई भी जेनेवा समझौते से पहले वाली स्थिति में पलटना नहीं चाहता क्योंकि यह विषय सभी के लिए ख़तरनाक सिद्ध होगा । सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा कि इस आधार पर हम वार्ता में गंभीर हैं और सहमति तक पहुंचने के लिए इस गंभीरता को हम सामने वाले पक्ष में भी देख रहे हैं।
ईरान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि रविवार से ओमान की राजधानी मसक़त में होने वाली परमाणु वार्ता दो दिनों तक जारी रहेगी और यह वार्ता का बहुत ही महत्त्वपूर्ण चरण होगा। उन्होंने ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़, अमरीकी विदेशमंत्री जान कैरी और यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त कैथ्रीन एश्टन के मध्य त्रिपक्षीय वार्ता की ओर संकेत करते हुए कहा कि वार्ता का यह चरण बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वार्ता के इस चरण में समझौते तक पहुंचने की संभावना का पता चलेगा।
अब्बास इराक़ची ने बाक़ी बचे महत्त्वपूर्ण मुद्दों के बारे मे कहा कि मुद्दे तो सभी महत्त्वपूर्ण हैं किन्तु सबसे महत्त्वपूर्ण मामला यूरेनियम का संवर्धन और प्रतिबंधो को उठाना है।
अब्बास इराक़ची ने कहा कि ईरान को पूरक प्रोटोकोल स्वीकार करने में कोई समस्या नहीं है। उनका कहना था कि सैद्धांतिक रूप से हमें अतिरिक्त निरिक्षण में कोई समस्या नहीं है क्योंकि हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। विदेश उपमंत्री ने कहा कि हमारे सारे प्रतिष्ठान और उनमें प्रयोग होने वाले समस्त पदार्थ शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए हैं और हमारे पास छिपाने को कुछ भी नहीं है अतः इस आधार पर हम अतिरिक्त निरिक्षण का विरोध भी नहीं करते।
अब्बास इराक़ची ने परमाणु वार्ता की समयावधि बढ़ाने की संभावना के बारे में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में कहा कि अभी तक हमने इस बारे में विचार नहीं किया है और हमें अब तक यह आशा है कि निर्धारित समय में हम सहमति तक पहुंच जाएंगे।